🚩 वनांचल की धड़कन बना मोहनपुर! जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा आसमान, भव्य रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
सोहनपुर, मोहनपुर और राजाआमा की रथ नृत्य मंडलियों ने बिखेरा सांस्कृतिक रंग, ढोल-मांदर की थाप पर देर तक झूमते रहे श्रद्धालु
लैलूंगा/रायगढ़ | 23 जुलाई 2026
वनांचल क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर में भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा इस वर्ष आस्था, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम बन गई। पूरे गांव में “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे और हजारों श्रद्धालु भक्ति की इस अलौकिक यात्रा के साक्षी बने। धार्मिक उल्लास से सराबोर इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब मोहनपुर पहुंचने लगा। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के भव्य एवं आकर्षक ढंग से सजे रथ के दर्शन के लिए लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। जैसे ही रथ यात्रा प्रारंभ हुई, श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ रथ की रस्सियां थामकर भगवान का रथ खींचा। गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरती इस शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मोहनपुर, सोहनपुर और राजाआमा की प्रसिद्ध रथ नृत्य मंडलियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से आयोजन में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने ढोल, मांदर और नगाड़ों की थाप पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था का यह अनूठा संगम पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा।
रथ यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। हर ओर भगवान जगन्नाथ के जयकारों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर धुन और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे मोहनपुर को एक विशाल धार्मिक उत्सव में बदल दिया।
आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के भी समुचित इंतजाम किए गए, जिससे रथ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि वनांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
मोहनपुर की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा एक बार फिर साबित कर गई कि जब आस्था और संस्कृति साथ चलती हैं, तो पूरा समाज एक उत्सव में बदल जाता है।



