


लैलूंगा के कुंजारा में न्यौता भोज का धमाका : 60 वर्षीय डॉलमो प्रधान ने दी शुरुआत, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल समेत ग्राम के गढ़मान्य नागरिक हुए शामिल
लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुंजारा का माहौल गुरुवार को पूरी तरह से सामाजिक रंग में रंग गया, जब प्राथमिक शाला परिसर में भव्य न्यौता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की खासियत रही कि इसकी शुरुआत गाँव की 67 वर्षीय महिला डॉलमो प्रधान ने विधिवत रूप से की, और उनके हाथों से ही परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ भोज की शुरुआत हुई।
भोज कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष और क्षेत्र के लोकप्रिय नेता अजेय योद्धा मनोज अग्रवाल विशेष रूप से आमंत्रित थे। अग्रवाल ने ग्रामीणों संग बैठकर परंपरागत तरीके से भोज का आनंद लिया और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कुंजारा जैसे गाँवों की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा ही हमारी असली पहचान है।
भोज में प्रधान परिवार की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। डालमो प्रधान, रूपेश प्रधान, बसंत प्रधान, सरोज प्रधान, राज प्रधान, ललित प्रधान, जगरनाथ प्रधान और अंश प्रधान ने मिलकर आयोजन की रौनक बढ़ा दी। इन सभी ने सामूहिक रूप से अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत किया और भोजन परोसा।
ग्राम पंचायत कुंजारा की सरपंच श्रीमती सुषमा भगत और पूर्व उपसरपंच नामु साय यादव ने भी इस आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं शिक्षा जगत से भी हस्तियां मौजूद रहीं। माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक लछ्मी सिदार, प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक नीरा पैंकरा, शिक्षिका हीरा गुप्ता, लछ्मी चेलकर, पुष्पा पटनायक और रस्मिता गुप्ता ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में संकुल CSC प्रभारी उजित सिदार समेत गाँव के सभी गढ़मान्य नागरिकों ने शिरकत की। सामूहिक भोज के दौरान हंसी-खुशी का माहौल रहा और लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि न्यौता भोज केवल खाने-पीने का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है। आज जब लोग आधुनिकता की ओर तेजी से भाग रहे हैं, ऐसे आयोजनों से गाँव की जड़ें मजबूत होती हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी रिश्तों में मजबूती आती है।
भव्य आयोजन के साथ ही ग्राम पंचायत कुंजारा के इस न्यौता भोज कार्यक्रम का समापन हुआ। ग्रामीणों ने भी इस आयोजन को यादगार बताया और उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह के सामूहिक आयोजनों से गाँव की पहचान और मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, लैलूंगा के कुंजारा में आयोजित यह न्यौता भोज एकता, परंपरा और भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया, जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने समान रूप से भागीदारी निभाई।







